NCERT Class 6 History Chapter 7:नए प्रश्न नए विचार (New Questions and Ideas)

NCERT Class 6 History Chapter 7 Naye Prashn Naye Vichar - Gautam Buddha, Bodhgaya Gyan Prapti aur Vardhman Mahavir
  • NCERT Class 6 History Chapter 7 ‘Naye Prashn Naye Vichar’ ke saral Hindi notes. Gautam Buddha, Mahavir aur Upanishad se judi sabhi baatein aasan bhasha mein samjhein.

लगभग 2500 साल पहले भारत में सामाजिक और धार्मिक स्तर पर बहुत बड़े बदलाव हो रहे थे। महाजनपदों का काल था, शहर बस रहे थे और लोगों के मन में जीवन के रहस्यों को लेकर कई सवाल उठ रहे थे। इन्हीं सवालों के जवाब खोजने के प्रयास में बौद्ध धर्म, जैन धर्म और उपनिषदों का उदय हुआ

आइए, इस अध्याय को एकदम आसान और बोलचाल की भाषा में समझते हैं।

​1. बौद्ध धर्म और महात्मा बुद्ध की कहानी

​बौद्ध धर्म के संस्थापक सिद्धार्थ थे, जिन्हें हम गौतम बुद्ध के नाम से जानते हैं। इनका जन्म लगभग 2500 वर्ष पूर्व हुआ था।

  • प्रारंभिक जीवन: बुद्ध ‘शाक्य’ नाम के एक छोटे से क्षत्रिय गण से संबंधित थे।
  • ज्ञान की खोज: युवावस्था में ही उन्होंने घर के सुख-सुविधाओं का त्याग कर दिया। कई सालों तक भटकने और विद्वानों से चर्चा करने के बाद, उन्होंने बिहार के बोधगया में एक पीपल के पेड़ के नीचे कठोर तपस्या की और ज्ञान (ज्ञान प्राप्ति) हासिल किया।
  • पहला उपदेश: ज्ञान मिलने के बाद वे वाराणसी के पास सारनाथ गए, जहाँ उन्होंने अपना पहला उपदेश दिया। इसी घटना की याद में सारनाथ में प्रसिद्ध स्तूप का निर्माण कराया गया था।
  • महापरिनिर्वाण: बुद्ध ने अपना पूरा जीवन लोगों को शिक्षा देने में बिताया और कुशीनारा (कुशीनगर) में उनका निधन हुआ।

​बुद्ध की प्रमुख शिक्षाएं:

  1. दुख का कारण: बुद्ध ने बताया कि हमारा जीवन दुखों और कष्टों से भरा है। इसका मुख्य कारण हमारी तृष्णा (तन्हा) यानी कभी न खत्म होने वाली इच्छाएं और लालसाएं हैं।
  2. आत्मसंयम: इस तृष्णा से मुक्ति पाने के लिए उन्होंने ‘मध्यम मार्ग’ और आत्मसंयम अपनाने की सलाह दी।
  3. कर्म का सिद्धांत: उन्होंने कहा कि हमारे अच्छे या बुरे कर्मों का फल हमें इस जन्म में भी मिलता है और अगले जन्म में भी।
  4. अहिंसा और दया: बुद्ध ने मनुष्यों के साथ-साथ जानवरों पर भी दया करने की बात कही।
  5. प्राकृत भाषा: उन्होंने अपने उपदेश आम लोगों की भाषा प्राकृत में दिए ताकि हर कोई उन्हें आसानी से समझ सके।
  6. स्वयं का विवेक: उन्होंने कहा कि मेरी बातों को सिर्फ इसलिए मत मानो कि मैं गुरु हूँ, बल्कि अपने विवेक और बुद्धि से तौलकर स्वीकार करो।

प्रसिद्ध किस्सा (किसागोतमी की कहानी): जब किसागोतमी के बेटे की मृत्यु हो गई, तो बुद्ध ने उससे ऐसे घर से एक मुट्ठी सरसों के बीज लाने को कहा जहाँ किसी की मौत न हुई हो। जब किसागोतमी को ऐसा कोई घर नहीं मिला, तो उसे समझ आया कि मृत्यु जीवन का अटल सत्य

2.उपनिषद: जीवन के गहरे सवाल

​जिस समय बुद्ध अपने विचार फैला रहे थे, उसी समय अन्य चिंतक भी कुछ कठिन प्रश्नों के उत्तर खोज रहे थे। जैसे— मृत्यु के बाद क्या होता है? यज्ञ क्यों किए जाते हैं?

  • आत्मा और ब्रह्म: इन विचारकों का मानना था कि दुनिया में कुछ ऐसा है जो कभी खत्म नहीं होता। उन्होंने इसे ‘आत्मा’ (व्यक्तिगत आत्मा) और ‘ब्रह्म’ (सार्वभौमिक आत्मा) कहा। उनके अनुसार अंततः आत्मा और ब्रह्म एक ही हैं।
  • उपनिषद का अर्थ: ‘उपनिषद’ का शाब्दिक अर्थ होता है— “गुरु के समीप बैठना”। इनमें गुरु और छात्रों के बीच हुई बातचीत का संकलन है। यह उत्तर-वैदिक ग्रंथों का हिस्सा हैं।
  • भाग लेने वाले विचार: इनमें मुख्य रूप से पुरुष, ब्राह्मण और राजा चर्चा करते थे। लेकिन कुछ अपवाद भी थे:
    • गार्गी: एक प्रसिद्ध महिला विचारक जो राजदरबारों के वाद-विवाद में भाग लेती थीं।
    • सत्यकाम जाबाल: एक निर्धन दासी पुत्र, जिनकी सत्य जानने की तीव्र इच्छा को देखकर गौतम नामक ब्राह्मण ने उन्हें अपना छात्र स्वीकार किया।
  • शंकराचार्य: आगे चलकर उपनिषदों के विचारों का विकास महान विचारक शंकराचार्य ने किया।

​3. महर्षि पाणिनि और संस्कृत व्याकरण

​इसी काल के दौरान विद्वान पाणिनि ने संस्कृत भाषा के व्याकरण की रचना की। उन्होंने स्वरों और व्यंजनों को एक विशेष क्रम में रखकर बीजगणित के सूत्रों जैसे लघु सूत्र (लगभग 3000) तैयार किए, जिससे संस्कृत व्याकरण के नियम बने।

​4. जैन धर्म और वर्धमान महावीर

​जैन धर्म के 24वें और सबसे महत्वपूर्ण तीर्थंकर वर्धमान महावीर थे।

  • पृष्ठभूमि: ये वज्जि संघ के ‘लिच्छवि’ कुल के क्षत्रिय राजकुमार थे।
  • गृहत्याग: 30 वर्ष की उम्र में इन्होंने घर छोड़ दिया और 12 वर्षों तक जंगल में कठिन व एकाकी जीवन बिताकर ज्ञान प्राप्त किया।
  • मुख्य शिक्षाएं (अहिंसा): महावीर का मानना था कि सत्य जानने की इच्छा रखने वाले हर स्त्री-पुरुष को घर छोड़ देना चाहिए। उन्होंने अहिंसा के नियमों का कड़ाई से पालन करने को कहा—किसी भी जीव को कष्ट न पहुँचाना और न ही उसकी हत्या करना।
  • भाषा: इन्होंने भी अपने उपदेश प्राकृत भाषा में दिए। (मगध में बोली जाने वाली प्राकृत को ‘मागधी’ कहा जाता था)।
  • जैन अनुयायियों के नियम: अनुयायियों को ‘भिक्षु’ बनकर सादा जीवन जीना पड़ता था, भीख मांगकर भोजन करना होता था, पूरी ईमानदारी रखनी होती थी, चोरी न करना और ब्रह्मचर्य का पालन करना अनिवार्य था।
  • किसने समर्थन किया? जैन धर्म का समर्थन मुख्यतः व्यापारियों ने किया। किसानों के लिए इसके नियमों का पालन करना कठिन था, क्योंकि फसल बचाने के लिए कीड़े-मकोड़ों को मारना पड़ता था।
  • ग्रंथों का संकलन: महावीर की शिक्षाएं कई सदियों तक मौखिक रूप में रहीं। लगभग 1500 वर्ष पूर्व गुजरात के वल्लभी नामक स्थान पर इन्हें लिखित रूप दिया गया।
  • नोट: ‘जैन’ शब्द ‘जिन’ से बना है, जिसका अर्थ होता है ‘विजेता’ (जिसने अपनी इंद्रियों को जीत लिया हो)।

​5. संघ (Organization)

​महावीर और बुद्ध दोनों का मानना था कि सच्चे ज्ञान की प्राप्ति के लिए घर का त्याग करना जरूरी है। ऐसे लोगों के रहने के लिए ‘संघ’ नाम का संगठन बनाया गया।

  • विनयपिटक: बौद्ध संघ के नियमों की जानकारी ‘विनयपिटक’ नामक ग्रंथ से मिलती है।
  • संघ में प्रवेश के नियम:
    • ​स्त्रियों और पुरुषों के रहने की अलग-अलग व्यवस्था थी।
    • ​प्रवेश के लिए बच्चों को अपने माता-पिता, दासों को अपने स्वामी, सैनिकों को राजा और कर्जदारों को अपने देनदारों से अनुमति लेनी पड़ती थी। विवाहित स्त्रियों को अपने पति की अनुमति आवश्यक थी।
  • जीवन शैली: संघ के लोग सादा जीवन जीते थे, ध्यान करते थे और निश्चित समय पर शहरों/गाँवों में जाकर भिक्षा मांगते थे। इसीलिए इन्हें ‘भिक्षु’ (पुरुष) और ‘भिक्षुणी’ (महिला) कहा गया।

​6. विहार (Monasteries)

​शुरुआत में बौद्ध और जैन साधु पूरे साल घूम-घूमकर उपदेश देते थे। केवल वर्षा ऋतु में जब यात्रा करना मुश्किल होता था, तब वे एक जगह ठहरते थे।

  • अस्थायी से स्थायी निवास: धीरे-धीरे साधुओं और उनके समर्थकों ने महसूस किया कि स्थायी शरणस्थलों की जरूरत है। तब ‘विहार’ बनाए गए।
  • बनावट: शुरुआती विहार लकड़ी के बनाए गए, बाद में ईंटों के बनने लगे। पश्चिमी भारत में कई विहार पहाड़ियों को खोदकर गुफाओं के रूप में बनाए गए (जैसे महाराष्ट्र की कार्ले की गुफाएं)।
  • दान: विहार बनाने के लिए ज़मीन धनवान व्यापारियों, राजाओं या भू-स्वामियों द्वारा दान में दी जाती थी।

​7. वर्ण-व्यवस्था के विकल्प के रूप में आश्रम-व्यवस्था

​जब बौद्ध और जैन धर्म लोकप्रिय हो रहे थे, उसी समय ब्राह्मणों ने जीवन को 4 चरणों में बाँटने के लिए ‘आश्रम व्यवस्था’ का विकास किया:

  1. ब्रह्मचर्य: सादा जीवन बिताकर वेदों का अध्ययन करना (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य के लिए)।
  2. गृहस्थ: विवाह करके एक गृहस्थ के रूप में रहना।
  3. वानप्रस्थ: जंगल में रहकर साधना/ध्यान करना।
  4. संन्यास: सब कुछ त्यागकर संन्यासी बन जाना।

(स्त्रियों को अक्सर वेद पढ़ने की अनुमति नहीं थी, उन्हें अपने पति द्वारा अपनाए गए आश्रम का ही पालन करना होता था।)

​8. विश्व परिदृश्य (अन्यत्र): ईरान में ज़र्थुस्त्र

​भारत में जब यह सब चल रहा था, तब ईरान में ‘ज़र्थुस्त्र’ नाम के एक पैगंबर (नबी) हुए। उनकी शिक्षाएं ‘जेंद-अवेस्ता’ नामक ग्रंथ में मिलती हैं।

​ईरान में सैकड़ों सालों तक ज़र्थुस्त्रवाद प्रमुख धर्म रहा। बाद में इनमें से कुछ लोग भारत के गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय शहरों में आकर बस गए, जिन्हें आज हम पारसी कहते हैं।

​उनकी मूल शिक्षा का सूत्र था: “सद्विचार, सद्वचन तथा सत्कार्य” (अच्छे विचार, अच्छे शब्द और अच्छे काम)।

NCERT Class 6 History Chapter 7

10 महत्वपूर्ण प्रश्न (MCQs / PYQs Set)

Q1. बौद्ध धर्म के संस्थापक सिद्धार्थ (गौतम बुद्ध) का जन्म लगभग कितने वर्ष पूर्व हुआ था?

(a) 1500 वर्ष पूर्व

(b) 2500 वर्ष पूर्व

(c) 3500 वर्ष पूर्व

(d) 4500 वर्ष पूर्व

उत्तर: (b)

Q2. गौतम बुद्ध ने अपना पहला उपदेश किस स्थान पर दिया था?

(a) बोधगया

(b) कुशीनारा

(c) सारनाथ

(d) लुम्बिनी

उत्तर: (c)

Q3. बुद्ध और महावीर दोनों ने अपनी शिक्षाएं किस भाषा में दीं ताकि आम लोग समझ सकें?

(a) संस्कृत

(b) पाली

(c) प्राकृत

(d) मगधी

उत्तर: (c)

Q4. ‘उपनिषद’ शब्द का शाब्दिक अर्थ क्या है?

(a) यज्ञ करना

(b) गुरु के समीप बैठना

(c) ज्ञान की खोज

(d) वेदों का पाठ

उत्तर: (b)

Q5. बौद्ध संघ के नियमों का वर्णन किस ग्रंथ में मिलता है?

(a) सुत्तपिटक

(b) विनयपिटक

(c) अभिधम्मपिटक

(d) जातक कथाएं

उत्तर: (b)

Q6. जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर वर्धमान महावीर किस गण/कुल से संबंधित थे?

(a) शाक्य

(b) लिच्छवि

(c) कुरु

(d) मौर्य

उत्तर: (b)

Q7. संस्कृत भाषा के व्याकरण की रचना करने वाले प्रसिद्ध विद्वान कौन थे?

(a) वाल्मीकि

(b) पाणिनि

(c) कालिदास

(d) वेदव्यास

उत्तर: (b)

Q8. जैन साहित्य की शिक्षाएं लगभग 1500 वर्ष पूर्व किस स्थान पर लिपिबद्ध (लिखी) गई थीं?

(a) वल्लभी (गुजरात)

(b) पाटलिपुत्र (बिहार)

(c) उज्जैन (मध्य प्रदेश)

(d) वैशाली (बिहार)

उत्तर: (a)

Q9. ‘जैन’ शब्द किस मूल शब्द से निकला है, जिसका अर्थ ‘विजेता’ होता है?

(a) जिन

(b) आर्य

(c) बुद्ध

(d) संघ

उत्तर: (a)

Q10. पारसियों के धार्मिक ग्रंथ का नाम क्या है?

(a) त्रिपिटक

(b) जेंद-अवेस्ता

(c) तोराह

(d) बाइबिल

उत्तर: (b)

NCERT Class 6 History Chapter 7

निष्कर्ष और आपकी राय

​उम्मीद है कि NCERT कक्षा 6 इतिहास का यह अध्याय “नए प्रश्न नए विचार” आपको बहुत ही सरल और आसान भाषा में समझ आ गया होगा। हमने कोशिश की है कि बिना किसी किताबी बोझ के हर एक पॉइंट को कवर किया जाए।

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