NCERT Class 6 History Chapter 4: आरंभिक नगर (हड़प्पा सभ्यता) – Notes&MCQ

इतिहास में जब हम मानव विकास की बात करते हैं, तो नगरों (Cities) का बसना एक बहुत बड़ा बदलाव था। भारतीय उपमहाद्वीप में आज से लगभग 4700 साल पहले ऐसे ही शानदार और सुनियोजित नगर बसे थे, जिन्हें हम हड़प्पा सभ्यता (Harappan Civilization) या सिंधु घाटी सभ्यता के नाम से जानते हैं।

​आइए इस अध्याय के सभी मुख्य बिंदुओं को एकदम आसान भाषा में समझते हैं।

​1. हड़प्पा की खोज कैसे हुई?

  • 150 साल पहले की घटना: जब पंजाब में पहली बार रेलवे लाइन बिछाई जा रही थी, तो काम कर रहे इंजीनियरों को अचानक एक अजीब सा खंडहर मिला। यह इलाका आज के पाकिस्तान में है। इंजीनियरों ने इसे आम खंडहर समझा और वहां से हजारों पक्की ईंटें उखाड़कर रेलवे लाइन बिछाने में इस्तेमाल कर लीं। इस वजह से हड़प्पा की कई पुरानी इमारतें नष्ट हो गईं।
  • 80 साल पहले की खोज: लगभग 80 साल पहले पुरातत्वविदों (Archaeologists) ने इस जगह का गहराई से अध्ययन किया और पाया कि यह उपमहाद्वीप के सबसे पुराने नगरों में से एक था।
  • नाम ‘हड़प्पा सभ्यता’ क्यों पड़ा? क्योंकि सबसे पहले खोजा गया नगर हड़प्पा ही था, इसलिए इसके बाद मिलने वाले सभी समान स्थलों को ‘हड़प्पा सभ्यता’ की इमारतें कहा गया।

​2. इन नगरों की बनावट और खास बातें

​हड़प्पा सभ्यता के नगरों की योजना (City Planning) इतनी कमाल की थी कि आज के आधुनिक शहर भी हैरान रह जाएं।

  1. दो हिस्सों में विभाजन:
    • नगर-दुर्ग (Citadel): यह पश्चिमी भाग था, जो आकार में छोटा लेकिन ऊँचाई पर बना था। यहाँ शहर के खास या महत्वपूर्ण लोग (शासक/अधिकारी) रहते थे।
    • निचला नगर (Lower Town): यह पूर्वी भाग था, जो बड़ा था लेकिन निचले इलाके में था। यहाँ सामान्य जनता रहती थी।
  2. पक्की ईंटों की दीवारें: दोनों हिस्सों को पक्की ईंटों की मजबूत दीवारों से घेरा गया था। ईंटों की चिनाई ‘इंटर लॉकिंग पैटर्न’ में की जाती थी, जिससे दीवारें हजारों सालों तक मजबूत रहीं।
  3. महान स्नानागार (The Great Bath – मोहनजोदड़ो):
    • ​मोहनजोदड़ो में एक विशेष तालाब मिला है।
    • ​इसे बनाने में ईंट और प्लास्टर का इस्तेमाल हुआ था और पानी का रिसाव रोकने के लिए चारकोल (Charcoal) की परत चढ़ाई गई थी।
    • ​इसमें उतरने के लिए दो तरफ सीढ़ियाँ थीं और चारों ओर कमरे बने थे।
    • ​पानी कुएँ से भरा जाता था और इस्तेमाल के बाद खाली कर दिया जाता था। इसका उपयोग विशेष मौकों पर धार्मिक/सामूहिक स्नान के लिए होता था।
  4. अग्निकुंड और भंडार गृह:
    • कालीबंगा और लोथल से अग्निकुंड (Fire Altars) मिले हैं, जिससे पता चलता है कि वहाँ यज्ञ किए जाते होंगे।
    • ​हड़प्पा, मोहनजोदड़ो और लोथल से बड़े-बड़े भंडार-गृह (Storehouses) भी मिले हैं।

​3. घर, सड़कें और जल निकासी प्रणाली (Drainage System)

  • घर: आमतौर पर घर एक या दो मंजिल के होते थे। बीच में आंगन होता था और उसके चारों ओर कमरे बने होते थे। ज़्यादातर घरों में अलग स्नानघर (Bathroom) होता था और कुछ घरों में कुएँ भी मिले हैं।
  • सड़कें और नालियाँ:
    • ​नालियों को सीधी लाइन में ढका (Covered) बनाया गया था ताकि पानी आसानी से बहे।
    • ​जगह-जगह पर सफाई और निरीक्षण के लिए मैनहोल (Mainholes) बनाए गए थे।
    • ​घरों की नालियाँ सड़कों की नालियों से जुड़ी होती थीं। यह योजना दर्शाती है कि शहर का निर्माण बहुत सोच-समझकर किया गया था।

​4. नगरीय जीवन और काम-काज

​हड़प्पा के नगरों में बहुत हलचल रहती थी:

  • शासक (Rulers): जो नगर की योजना बनाते थे और दूर-दूर से धातुओं, रत्नों व कीमती सामानों को मँगवाते थे।
  • लिपिक (Scribes): जो मुहरों और अन्य चीजों पर लिखना जानते थे।
  • शिल्पकार (Craftspersons): स्त्री और पुरुष दोनों अपने घरों या कार्यशालाओं में तरह-तरह की चीजें बनाते थे।
  • व्यापार और यात्राएं: लोग दूर-दूर तक यात्राएं करते थे और कच्चा माल व कहानियां लाते थे। बच्चों के खेलने के लिए मिट्टी के खिलौने (टेराकोटा) भी मिले हैं।

​5. शिल्प और नई तकनीकें

फ्रेयंस क्या है? यह बालू या स्फटिक पत्थरों के चूर्ण को गोंद में मिलाकर तैयार किया जाने वाला एक कृत्रिम (Artificial) पदार्थ था, जिससे मनके, चूड़ियाँ और छोटे बर्तन बनते थे।

धातुएं और पत्थर: तांबे और काँसे (Bronze) से औजार, हथियार, गहने और बर्तन बनाए जाते थे। सोने-चाँदी से गहने और बर्तन बनते थे।

बाट और मनके:

बाट (Weights): चर्ट (Chert) नाम के पत्थर से बहुत ध्यानपूर्वक बनाए गए थे, जिनका उपयोग कीमती पत्थरों या धातुओं को तौलने में होता था।

मनके (Beads): कार्निलियन (Carnelian) पत्थरों से सुंदर मनके बनाए गए थे।

मुहरें (Seals): पत्थर की आयताकार मुहरें बनाई जाती थीं, जिन पर आमतौर पर जानवरों के चित्र होते थे।

कपड़ा और सूत कताई: मेहरगढ़ में लगभग 7000 साल पहले कपास की खेती शुरू हुई थी। मोहनजोदड़ो से चांदी के बर्तन के ढक्कन से चिपके सूती कपड़े के अवशेष मिले हैं। पकी मिट्टी और फ्रेयंस (Faience) से बनी तकलियां (Spindles) सूत कताई का प्रमाण देती हैं।

6. कच्चे माल की खोज और आयात (Import List)

​हड़प्पा के लोग कई चीजें बाहर से मँगवाते थे:

कच्चा माल (Raw Material)स्थान / देश (Source Area)
ताँबा (Copper)राजस्थान और ओमान (पश्चिम एशिया)
टिन (Tin)आधुनिक ईरान और अफ़गानिस्तान
सोना (Gold)आधुनिक कर्नाटक
बहुमूल्य पत्थर (Precious Stones)गुजरात, ईरान और अफ़गानिस्तान

भोजन और कृषि

  • फसलें: हड़प्पा के लोग गेहूँ, जौ, दालें, मटर, धान, तिल और सरसों उगाते थे।
  • हल का प्रयोग: जमीन जोतने के लिए लकड़ी के हल का प्रयोग शुरू हुआ (लकड़ी के हल तो नष्ट हो गए, लेकिन मिट्टी के खिलौने वाले हल मिले हैं)।
  • सिंचाई: कम बारिश वाले इलाकों में पानी संचित करके सिंचाई की जाती थी।
  • पशुपालन: गाय, भैंस, भेड़ और बकरियां पाली जाती थीं।
  • अन्य गतिविधियां: लोग बेर जैसे फल इकट्ठा करते थे, मछलियाँ पकड़ते थे और हिरण जैसे जानवरों का शिकार करते थे।

​8. गुजरात में हड़प्पाकालीन नगर (विशेष अध्ययन)

​1. धौलावीरा (Dholavira)

  • ​यह कच्छ के इलाके में ‘खादिर बेत’ के किनारे बसा था।
  • तीन भागों में विभाजन: जहाँ अधिकतर हड़प्पा नगर 2 भागों में बँटे थे, वहीं धौलावीरा 3 भागों में बँटा था।
  • ​हर भाग के चारों ओर पत्थर की ऊँची दीवारें और बड़े-बड़े प्रवेश द्वार थे।
  • ​यहाँ एक बड़ा खुला मैदान भी था जहाँ सार्वजनिक कार्यक्रम होते थे।
  • ​यहाँ पत्थर में खुदे हड़प्पा लिपि के बड़े-बड़े अक्षर मिले हैं, जो शायद लकड़ी में जड़े गए थे।

​2. लोथल (Lothal)

  • ​यह गुजरात में साबरमती की एक उपनदी के किनारे बसा था।
  • ​यह कीमती पत्थरों, शंखों और धातुओं की चीजों का एक बड़ा केंद्र था।
  • लोथल का बंदरगाह (Dockyard): यहाँ एक बड़ा तालाब मिला है, जो संभवतः बंदरगाह रहा होगा जहाँ समुद्र/नदी के रास्ते आने वाली नावें रुकती थीं और सामान चढ़ाया-उतारा जाता था।
  • ​यहाँ से मुहरें, मुद्रांकन (मुहरबंदी) और मनके बनाने का कारखाना भी मिला है।

​9. सभ्यता के अंत का रहस्य

​लगभग 3900 साल पहले इस महान सभ्यता में एक बड़ा बदलाव आया और नगर उजड़ने लगे। इसके पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हैं, लेकिन विद्वानों के अलग-अलग तर्क हैं:

  1. ​नदियों का सूख जाना।
  2. ​जंगलों का विनाश (ईंटें पकाने और मवेशियों के चरने के कारण)।
  3. ​भयंकर बाढ़ आना।
  4. ​शासकों का नियंत्रण समाप्त हो जाना।

​कारण चाहे जो भी रहा हो, सिंध और पंजाब की बस्तियां उजड़ गईं और लोग पूर्व और दक्षिण के नए इलाकों में बस गए। इसके लगभग 1400 साल बाद नए नगरों का विकास हुआ।

10 Important MCQs / PYQs (बहुविकल्पीय प्रश्न)

​अपनी तैयारी को परखने के लिए नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दें:

Q1. हड़प्पा सभ्यता के नगरों का निर्माण लगभग कितने वर्ष पहले हुआ था?

(A) 7000 वर्ष पहले

(B) 4700 वर्ष पहले

(C) 3900 वर्ष पहले

(D) 2500 वर्ष पहले

उत्तर: (B) 4700 वर्ष पहले

Q2. मोहनजोदड़ो से मिला ‘महान स्नानागार’ (Great Bath) में पानी का रिसाव रोकने के लिए किसकी परत चढ़ाई गई थी?

(A) मोम

(B) चारकोल

(C) डामर/लतार

(D) चूना

उत्तर: (B) चारकोल

Q3. हड़प्पा सभ्यता में ‘अग्निकुंड’ के साक्ष्य किन पुरास्थलों से मिले हैं?

(A) हड़प्पा और मोहनजोदड़ो

(B) कालीबंगा और लोथल

(C) धौलावीरा और सुरकोतड़ा

(D) लोथल और हड़प्पा

उत्तर: (B) कालीबंगा और लोथल

Q4. हड़प्पा सभ्यता के लोग ताँबे का आयात मुख्य रूप से कहाँ से करते थे?

(A) कर्नाटक

(B) राजस्थान

(C) ईरान

(D) अफगानिस्तान

उत्तर: (B) राजस्थान (और ओमान से भी)

Q5. हड़प्पा कालीन नगरों में ‘काँसा’ (Bronze) बनाने के लिए ताँबे के साथ किस धातु को मिलाया जाता था?

(A) लोहा

(B) सोना

(C) टिन

(D) चाँदी

उत्तर: (C) टिन

Q6. मेहरगढ़ में कपास की खेती के साक्ष्य लगभग कितने वर्ष पहले के मिले हैं?

(A) 7000 वर्ष पहले

(B) 4700 वर्ष पहले

(C) 3900 वर्ष पहले

(D) 2500 वर्ष पहले

उत्तर: (A) 7000 वर्ष पहले

Q7. निम्नलिखित में से कौन-सा हड़प्पा नगर तीन भागों में विभाजित था?

(A) लोथल

(B) कालीबंगा

(C) धौलावीरा

(D) चनहूदड़ों

उत्तर: (C) धौलावीरा

Q8. हड़प्पा सभ्यता का कौन-सा नगर अपने विशाल बंदरगाह (Dockyard) के लिए प्रसिद्ध था?

(A) मोहनजोदड़ो

(B) लोथल

(C) हड़प्पा

(D) राखीगढ़ी

उत्तर: (B) लोथल

Q9. हड़प्पा सभ्यता की मुहरें आमतौर पर किस आकार की होती थीं और उन पर किसके चित्र मिलते हैं?

(A) गोल, पेड़-पौधों के

(B) आयताकार, जानवरों के

(C) त्रिभुजाकार, देवी-देवताओं के

(D) वर्गाकार, पक्षियों के

उत्तर: (B) आयताकार, जानवरों के

Q10. हड़प्पा सभ्यता के पतन/अंत की शुरुआत लगभग कितने वर्ष पहले हुई थी?

(A) 4700 वर्ष पहले

(B) 3900 वर्ष पहले

(C) 2500 वर्ष पहले

(D) 1400 वर्ष पहले

उत्तर: (B) 3900 वर्ष पहले

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